Monday, February 28, 2022

विश्व बन्धु पथ पर......

🌍|।                                |🌍

             विश्व-बन्धु पथ ...!

   सर्वशक्तिमानों के बीच
   ठनी है फिर से
   बेपनाह जन भाग रहे हैं
   जंगल-पर्वत
   कूटनीति में युद्ध व्यस्त सियासत
   सारी।
   बाघ-शेर ने ली
   बकड़ी की ज़िम्मेवारी।
      देखें अबके ऊँट
      बैठता है किस करवट।
   विश्व-शान्ति दौड़ी है प्रगतिक
                    पथ पर सरपट।

                   ⚡✨⚡
             #उचितवक्ताडेस्क।

Tuesday, February 22, 2022

........अभी पर्दे में है

                   🌀।🌀

      इस सियासत और मेरे दोस्त में
      इक फ़र्क़ है
      एक नंगी हो चुकी है दूसरा
      पर्दे में है।

      देखिए यह दौर भी चलता है
      आगे तक कहाँ
      सज रहा किरदार मेक-अप
      रूम के पर्दे में है।

     अब कहाँ जाकर रहोगे दोस्तों
     के शहर में
     गाँव-क़स्बा-देश का भूगोल तक
     पर्दे में है

     देखते हैं अबकी बारी
     कूटनीतिक वार्ता
     ऊँट किस करवट में बैठे आज
     तो परदे में है।

     बहुत है अफ़सोस जी को पर
     करे तो क्या करे
     अपना खुद का भी इरादा तो
     छुपा पर्दे में है ।                                
                        💤                                                गंगेश गुंजन
             #उचितवक्ताडेस्क

Sunday, January 23, 2022

जैसी है ये,जो है !

🌾🌾      जैसी है यह जो है !

      इस सियासत और मेरे दोस्त में
      इक फ़र्क़ है
      एक नंगी हो  चुकी है  दूसरा
      पर्दे  में  है।

      देखिए यह दौर भी चलता है
     आगे तक कहाँ
     सज रहा किरदार मेक-अप रूम
     के पर्दे में है।

     अब कहाँ जाकर रहोगे दोस्तों
     के शहर में
     गाँव-क़स्बा-देश का भूगोल तक
     पर्दे में  है

     देखते हैं  अबकी  बारी
     कूटनीतिक  वार्ता
     ऊँट किस करवट में बैठे आज
     तो परदे में है।

     बहुत है अफ़सोस जी को पर
     करे तो क्या करे
     अपना खुद का भी इरादा तो
     छुपा पर्दे में है ।

              #गंगेश गुंजन।

Saturday, January 22, 2022

मज़ाक और पॉलिटिक्स


🔅         मज़ाक और पॉलिटिक्स
                          ✨
  मज़ाक को एक दिन यह महसूस
  हुआ कि लोग बाग उसे सीरियसली
  नहीं लेते हैं। उसे यह बात खल गई।            उसी दिन मज़ाक ने पॉलिटिक्स ज्वाइन      कर ली।                                                    आख़िर शब्द का भी आत्म सम्मान         होता है।         |💐|

               #उचितवक्ताडेस्क।

Tuesday, January 18, 2022

कोहिनूर हो गया

                     🌍 

           कोहिनूर हो गया          ..
    अपने इस जर्जर तन के वासन
    में मैं,
    इस तरह रहता हूंँ जैसे,
    संसार के विशाल भव्य विशाल
    अभिलेखागार में रहता है
    सुरक्षित-
        कोहिनूर।
    कविता से लेकर,विचार,आदर्श
   और राजनीतिक दर्शन के जीवन
   यथार्थ को परख,भोग-भाग कर
   ही नतीजे पर पहुँचा कि रहूँ इसी
   रूप में अब मैं
          कोहिनूर होकर रहूँ।                                          ⚡

            #उचितवक्ताडेस्क।                                     गंगेश गुंजन

Saturday, January 15, 2022

....लगता है हूँ

                  🌑
 
       आजकल ऐसा लगता
       है कि हूंँ नहीं,मैं अपनी
       कहानी पढ़ रहा हूंँ।
                   🌀

               गंगेश गुंजन

           #उचितवक्ताडेस्क




                   

Tuesday, January 11, 2022

किसी सियासत का मारा है : ग़ज़लनुमा

                   |🔥|
    किसी  सियासत का हारा है
    किसी जम्हूरियत का मारा है।
    
    इश्क़ में सब फ़रेब चलता है
    उसे तो और जो कुंँआरा है।

    जायज़ मुहीम पर भी सख़्ती
    सल्तनत का सब इज़ारा है।

    बड़े मज़े में हैं मार्केट-मॉल
    रहे जिनका, क्या हमारा है।

    रहा इस मंज़र में अब क्या
    गांँधी को भी कठघरा है।

    बचा है हौसला गुंजन का
    नहीं थका अभी न हारा है।
                🌱🌱
        #उचितवक्ताडेस्क।                     

              गंगेश गुंजन