- विडंबना -
मनुष्य को यह जीवन मिलता तो है एक
अनमोल वरदान की तरह लेकिन ऐसे जैसे किसी
शिशु के नन्हे हाथों में धर्मग्रंथ या गीता-ज्ञान की
पुस्तक के समान ।
.📕. गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क
Wednesday, September 2, 2026
विडंबना (जीवन दर्शन)
Tuesday, September 1, 2026
मीडिया : मादा बिच्छू
Sunday, August 30, 2026
ग़ज़लनुमा : लगें नहीं कभी हालात सम्भलने वाले
Friday, August 28, 2026
भागलपुर का अली गंज। अलीगंज छोर पर आकाशवाणी भागलपुर का ट्रान्समीटर और स्टूडियो
Monday, August 24, 2026
शे'रनुमा : ग़मगु़सारोंकी भरी महफ़िल में
ग़मगु़सारोंकी भरी महफ़िल में चश्म-ए-नम कहीं,
देखने वाला नहीं दीखा हमें वो दीदावर।
✨ गंगेश गुंजन #उवडे.
Saturday, August 22, 2026
टिप्पणी : दो पंतिया
आहट जुदा-जुदा हो तो दरवाज़ों पर दस्तक-सी लगती हैं। एक साथ बज उठें घरोंकी ज़ंजीरें तो बस्ती भर जग जाती है।. ।•। गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.
Friday, August 21, 2026
टूट कर इश्क़ किया....: शेरनुमा
टूट कर इश्क़ किया और सो इतना किया कि आस-पास हर घर हमको मंदिर -मंदिर लगने लगा
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गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क.
