बा-रब्त भी नहीं है बे रब्त भी नहीं है ज़ालिम की गुफ़्तगू में अंदाज़ है ग़ज़लका।
(ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ)
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कृपया,
मौजूदा राजनीति से इसका कोई संबंध न पढ़ें-देखें। #उचितवक्ताडे.
Wednesday, June 24, 2026
किसी किसी शे'र का वर्तमान
उपलब्धि !
Friday, June 19, 2026
अफ़सोस !
पुरुष होने के आयाम
Wednesday, June 17, 2026
अपना देश !
🌐... अपना देश !
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यह बहुत ही दिलचस्प है कि राजनीति में हर एक विपक्षी पार्टियों को सत्तासीन राजनीतिक पार्टी तानाशाह और अन्यायी लगती है। प्राय: १९६६-६७ ई.से ही मैं यह देखता आ रहा हूंँ।
अवांँछित सत्ता की अपरिहार्य प्रतिरोधी ज़िद में मुझे,स्वतंत्र भारत का अपना पहला ही वोट किसी दूसरे वोटर के नाम पर डालना पड़ा था ! ध्यान रहे,
स्वतंत्र भारत में एक युवा नागरिक का-
मेरा पहला वोट दूसरे वोटर के नाम पर!
बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री के. बी.सहाय जी थे।
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गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क.
Tuesday, June 16, 2026
दो पँतिया : हरेक सिम्त घुंटन...
हरेक सिम्त क़दम-क़दम घुंटन और फ्रस्टेशन,
कैसे रहते हैं इसमें,निकलें कुछ करें भी जवाब!
🕸️ गंगेश गुंजन
#उवडे.
