Saturday, May 9, 2026
व्यंग्य दूपंतिया :
Friday, May 8, 2026
दो पंतिया : सब के दुःख एक
जिस दिन बस्ती भर का दुःख बस्ती भर का हो जाएगा
देख लीजिएगा इस धरती पर स्वर्ग उतर आएगा। 🌐
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क.
Tuesday, May 5, 2026
टिप्पणी : बड़ा कवि
बड़े कवि जब छोटे कवि की उपेक्षा करने लगें तो समझें उनकी कविता पेड़से टूट कर ज़मीन पर गिरने लगी।
• गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क.
Sunday, May 3, 2026
दो पंतिया : साहिल को भी रोज़ इम्तिहाँ..
Thursday, April 30, 2026
दो पंतिया : भूलते भी रहे सब को...
Monday, April 27, 2026
जीवन के फेसबुक पर
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जीवन के फेसबुक पर ऐसी कितनी ही बड़ी और गूढ लगती हुई बातें दिखती रहती हैं जो वास्तव में उतनी होती भी नहीं हैं। लेकिन किसी बड़े नामी कलम से निकली हैं।
सभी बड़े लगते हुए नाम सदैव आदर और अनुकरणीय ही नहीं होते।
📕। गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क.
