🌐
अपनी-अपनी मूढ़ता-मूर्खताओं के साथ,अपनी-अपनी मान्यताओं,विचार और विद्वत्ताओं के साथ स्वतंत्रतापूर्वक निर्भय जीने विचरने की सबजन सुलभ
ऐ प्यारे स्वैच्छिक लोकतंत्र की बस्ती- फेसबुक !
तुझे सलाम !!
❄️ गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क.
