Friday, August 21, 2026

समाधान बाबू की समस्या

🌼। मित्र समाधान प्रसाद जी का अनुभव !
समाधान बाबू आज फ़रमाने लगे :
‘देखिए कवि जी,पत्नी पत्नी ही होती है और बेटी आख़िर बेटी !’
‘इसमें ऐसा नया क्या है समाधान बाबू जो आप इसे आर्ष वचन बना कर कह रहे हैं?’
मैंने अपनी खीझ दबाते हुए टोका तो बोल उठे :
‘अरे भाई आगे तो सुनिए। आप कवियों में यह भी भारी ऐब है। किसी की सुनना ही नहीं चाहते।खाली अपनी ही सुनाना चाहेंगे।’ वे खीझे।
‘फ़र्माइए,आगे क्या है !’मैंने कहा।
‘सुबह-सुबह आप कोई बात कहें और सामने लोग ठीक से न सुन पाएँ तब ?’
‘तब क्या ? बात ज़रूरी रही तो वह और स्पष्टता और ज़ोर से बोल कर दुहरा देंगे। सिंपल।’ मैने जवाब दिया तो वे पिनक गये-
‘जी नहीं। कहने के लिये आपको पत्नी जी के पास जा कर कहना पड़ेगा ।’
‘तो इसमें भी समस्या क्या हुई ?’ मैंने किसी तरह अपनी खीझ नियंत्रित करके पूछा तो मुझ पर तीर की तरह छूटे। बोले :
‘यही तो। नहीं सुनी जा सकी आपकी वो ही बात बेटी आपके समीप आकर सुनेगी। वह कभी यह नहीं कहेगी कि ‘नहीं सुन पाये सो मेरे नजदीक आकर कहिए।यह क्या आपको साधारण बात लगती है?
यह तो सरासर स्त्री सत्ता के सम्मुख पुरुष सत्ता का घुटने टेकना हुआ…’
  अब जाकर समाधान प्रसाद जी की समस्या समझ आई।
                   🌼🌵🌼 

                 गंगेश गुंजन 
           #उचितवक्ताडेस्क।

लोक गायिका मोहिनी देवी जी

                                 •
फेसबुक पर पिछले दिनों अपने आकाशवाणी एनाउन्सरी ज़माने के एक अतिप्रिय स्मरण प्रसंग का फोटो सहित पोस्ट देख कर अभिभूत हुए बिना न रह सका-लोक गायिका मोहिनी देवी जी का।
  आकाशवाणी पटना में मैंने इनका ऑडिशन ही (छुप छुपा कर😆) सुना है। जिसमें मोहिनी जी ग्रेडेड हुईं ! संयोग देखें कि यह वही गाना भी है ! अहा हा ! क्या गला है इनका और क्या गाना ! स्वर की कुछ ऐसी अलग ख़ासियत के कारण उस दिन यह तो आकाशवाणी में एक दमकती हुई ख़बर थीं ! एकदम हट कर लोककंठ और अपूर्व लोक गायिकी !
शाम में गुरुजी से भेंट होती है(बाबू ब्रह्मदेव नारायण जी) आपने बड़े उल्लास से कहा था - ‘आज एक बेहद दुर्लभ आवाज़ मिली है अपने रेडियो लोकगीत को।’…
अब उनको यह कैसे कहते कि हमलोग जानते हैं पर्यावरणीय !’( हम दो तीन जने,जैसा स्मरण आया है-सुषमा शुक्ला जी और इला त्रिपाठी जी ही थीं।) उनके संतोष के लिए ही पूछा-
‘कौन गायक गुरु जी ?’
    और मोहिनी जी अभी हैं,यह जान कर और बहुत, बहुत अच्छा लगा।
   अभिवादन और स्वागत है आपका !
                          💢 

                   गंगेश गुंजन 
              #उचितवक्ताडेस्क.

Wednesday, August 19, 2026

अपवाद : धीरोद्धत खलनायक हैं.

               धीरोद्धत खलनायक.

                          [✨]  
अपवाद धीरोद्धत खलनायक है। वह किसी मूल्यवान मानवीय विचार को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंँचने ही नहीं देता है।.

                           🌐                                                           गंगेश गुंजन                                                   #उचितवक्ताडे.

शे'रनुमा। दुःख से दोस्ती

          दोस्ती दुःख से क्या कर बैठे
        अब तो इसरार पर उतर आया...
                           🌀           

                      गंगेश गुंजन 
                    #उचितवक्ताडे.

Sunday, August 16, 2026

आजीवन कारावास मे सुरक्षित

उम्र की निष्ठुर दीवारों के आजीवन कारावास में 
सुरक्षित है-देह !
                            💢  
                     गंगेश गुंजन 
                 #उचितवक्ताडेस्क।

साहित्य और सल्तनत

कभी तो एक दिन सत्ता साहित्य की सहयात्री बनेगी और धरती भर देश अपना-अपना १५ अगस्त मनाएँगे।         🌐             

                        गंगेश गुंजन                                                    #उचितवक्ताडे.

Thursday, August 13, 2026

दो आज़ाद शे'रनुमा : ग़मगुसारों की भरी महफ़िल

                           💢
                            १.
ग़मगु़सारों की भरी महफ़िल में चश्म-ए-नम कहीं
    देखने वाला नहीं दीखा हमें वह दीदावर। 
                            २.
    जान-ए-महफ़िल भी नहीं जिस शब रही
क़हक़हे थे कम न रक़्श-ए-बज़्म ही बेजान था।
                          🍁
(दोनों आज़ाद मगर आज एक साथ आमद)                           गंगेश गुंजन 
             #उचितवक्ताडेस्क.