Thursday, May 28, 2026
ग़ज़लनुमा : दिल कुछ ऐसा अफ़साना लिख
Tuesday, May 26, 2026
दो पंतिया : शब-ए-जुदाई भी जश्न-ए-उल्फ़त
शब-ए-जुदाई भी जश्ने उल्फ़त कर गया था.
अजब अदासे कोई आके मुझमें मर गयाथा
🍁 गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क .
ग़ज़लनुमा :
📒।
ग़ज़लनुमा
▪️
जीवन गाना रोना है
दुनिया खेल-खिलौना है
तिरी तरह ही ओ साथी
एहसांँ तिरा सलोना है
गर्दिश से शादी जो की
आज उसी का गौना है
क़द पर अपने मत इतरा
वक़्त तुझे भी ढोना है
किस करतूत प' हंँसता है
तू कम कौन घिनौना है
भूल नहीं पाता है दिल
दुःख में शब्द पिरोना है
उनका यूंँ इतना हंँसना
गुंजन जी का रोना है
•
गंगेश गुंजन #उव.📒।
०२.०३.'११.
Sunday, May 24, 2026
ग़ज़लनुमा : मिलते ही मुस्करा देना
Saturday, May 23, 2026
दो पंतिया : अजनबी
अजनबी दु:ख-सुख के नयों का यह ज़माना है, पुरानो ! सहो, समझो इसी में गर जीना है।
🍂
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.
Thursday, May 21, 2026
दो। दो पंतिया तिया
•। 🌐 ।•
दु:ख ही आए तो कुछ नया आए
बार - बार एक वो ही क्या आए
*
हम कोई डरते नहीं हैं ग़म से
चाहते हैं कि कोई नया आए
*
गंगेश गुंजन #उवडे.
