- विडंबना -
मनुष्य को यह जीवन मिलता तो है एक
अनमोल वरदान की तरह लेकिन ऐसे जैसे किसी
शिशु के नन्हे हाथों में धर्मग्रंथ या गीता-ज्ञान की
पुस्तक के समान ।
.📕. गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment