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१.
पेट खाली हो मगर सीधी रहती है रीढ़
तने ज़मीर सीधा देखते हैं वो जो फ़क़ीर।
२.
बड़े मज़े की लड़ाई थी
दोस्ती पर आ के ख़त्म हुई।
३.
ख़ामुशी की जु़बाँ में उस क़िस्सए ग़म का बयान
चश्म-ए-नम भी बज़्म में देखा है कल रक़ीब को।
🌼 गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे.
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