।कृष्णाष्टमी।
उस सीधी,सरल सन् १९५७ ई.में कहांँ मालूम था कि हमें २०२६ की ऐसीअशान्त कुरूप ईस्वी भी देखनी है..
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.
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