पुरुष होने के आयाम
निश्चय ही विवाह एक उपयोगिता भी है किंतु कुछ कवि लेखकों ने इसका प्रयोग साहित्यिक व्यवसाय के शालीन उद्यम की तरह किया और उपलब्धि-प्रशस्ति के शिखर तक भी गए।
मेरे ज्ञान में,नागार्जुन जी और राजकमल जी इसके आदर्श अपवाद हैं।
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गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क.

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