Friday, June 19, 2026

पुरुष होने के आयाम

             पुरुष होने के आयाम
निश्चय ही विवाह एक उपयोगिता भी है किंतु कुछ कवि लेखकों ने इसका प्रयोग साहित्यिक व्यवसाय के शालीन उद्यम की तरह किया और उपलब्धि-प्रशस्ति के शिखर तक भी गए।
  मेरे ज्ञान में,नागार्जुन जी और राजकमल जी इसके आदर्श अपवाद हैं।
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                     गंगेश गुंजन 
                 #उचितवक्ताडेस्क.

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