एक जिज्ञासु ने पूछा : सुख क्या होता है ?
-सुख आनन्द काडर का लोअर डिविजन क्लर्क होता है।और उसका सर्वोच्च प्रोमोशन आनन्द है।' विशेषज्ञ ने शान्त चित्त उत्तर दिया।
[उचितवक्ता डेस्क]
एक जिज्ञासु ने पूछा : सुख क्या होता है ?
-सुख आनन्द काडर का लोअर डिविजन क्लर्क होता है।और उसका सर्वोच्च प्रोमोशन आनन्द है।' विशेषज्ञ ने शान्त चित्त उत्तर दिया।
[उचितवक्ता डेस्क]
सांस पर सांस की सवारी है।
ज़िन्दगी से ये कैसी यारी है।
गंगेश गुंजन
[उचितवक्ता डेस्क]देखें तो दु:ख भी दोस्त ही है मनुष्य का। ज़रा कपटी लेकिन अभिन्न मित्र है।
गंगेश गुंजन
[उचितवक्ता डेस्क]
सुख भी देर तक रह जाय तो थक जाता है और आदमी को भी थका देता है।
गंगेश गुंजन
[उचितवक्ता डेस्क]
परिंदा जिसने आजतक कभी कर्फ्यू नहीं माना। घरबंदी में वो भी घोंसलों से कम निकलता है ।
गंगेश गुंजन।
[उचितवक्ता डेस्क]
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कहिए कुछ आसान ग़ज़ल हर इक दिल की जान ग़ज़ल।
एकेक मन की परछाईं। बोले ऐसी प्रान ग़ज़ल ।
सब रोते अपना - अपनी हो सबकी मुस्कान ग़ज़ल ।
गांव नगर भर आंगन हो भटके मत सुनसान गजल ।
झिलमिल जनमन स्वच्छ सपन ऐसी गंगास्नान ग़ज़ल।
एक आदम क़द गूंजे गीत इक सामूहिक गान ग़ज़ल।
दु:ख में गर रो पड़े कभी धो दे सकल जहान ग़ज़ल।
शब्द जो रस्ता दिखलाएं उसकी हो पहचान ग़ज़ल।
आकांक्षा हो जन-जन की कविता का अभिमान ग़ज़ल।
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गंगेश गुंजन