फेसबुक पर उम्मीद
‘फेसबुक पर पढ़ने रहने को अब बहुत कम रह गया है ।’-पिता ने कहा।
‘तब भी तो आप दिन भर इसी पर आँखें गड़ाए रहते हैं !’-बेटे ने कहा।
‘हाँ,क्या करूंँ,कुछ दिख भी जाय बस इस उम्मीद में !' -पिता ने कहा।
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गंगेश गुंजन। #उचितवक्ताडेस्क.
Tuesday, October 13, 2026
फेसबुक पर उम्मीद
Friday, October 2, 2026
टिप्पणी : हवाई जहाज़ प्रकरण पर
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इतनी ऊंँची,अच्छी घटना की बात से अभी
समाज,देश-दुनिया का मन उल्लास और स्वाभिमान से भरा है। मगर,अंदेशा क्यों हो रहा है-
किसी भी पल किसी प्रवक्ता के हवाले से,
कोई मीडिया-माध्यम ब्रेकिंग न्यूज़ न चीख़ने लग पड़े -
" यह प्रकरण मिथ्या है,कल्पित है-
एआई करामात है'' ....
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.
Wednesday, September 30, 2026
दो पंतिया : हाथ में पतवार तो है...
हाथ में पतवार तो है पर हुई ढीली पकड़,
छोड़ दिया मैंने भी,ले जाये कश्ती धार जहांँ।
° गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे.
Tuesday, September 29, 2026
शेरनुमा। कोई हसरत जो
कोई हसरत रखूँ तो ही न कहीं गिर जाऊँ, कोई तो शख़्स हो सजदे में सर झुका भी सकूँ। 🙏 गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे
Thursday, September 24, 2026
शे'रनुमा : अजीब कैफ़ियत है उम्र की देखिए ज़रा
अजीब क़ैफ़ियत है उम्र की देखिए ज़रा, बा'प ही चाहे तवज्जो अपने बेटे से !
🍁 गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडे.
Sunday, September 20, 2026
शे'रनुमा : दिले हैवान को इन्सान कर दें..
अनुभव और समझ। :
'अनुभव और समझ'
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अनुभव और समझ में दादा और पोता का रूपक देखा जा सकता है क्या ? अथवा नाना-नाती का ? ▪️ गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.
