Wednesday, September 17, 2025

'आवश्यकता'

‘आवश्यकता’

'आवश्यकता की परिभाषा अगर अर्थशास्त्र के अध्ययन के हवाले नहीं हई होती तो कदाचित इस मानव-समाज,दुनिया और कार्ल मार्क्स के महान् सिद्धांत का निष्कर्ष और नक्शा कुछ और ही होता। 

    असल में तो मनुष्य की आवश्यकताओं का अध्ययन ‘मानव शरीर-शास्त्र’ का विषय बनना चाहिए था !

                 गंगेश‘आवश्यकता’

आवश्यकताओं की परिभाषा अगर अर्थशास्त्र के अध्ययन के हवाले नहीं हई होती तो कदाचित इस मानव-समाज,दुनिया और कार्ल मार्क्स के महान् सिद्धांत का निष्कर्ष और नक्शा कुछ और ही होता। 

    असल में तो मनुष्य की आवश्यकताओं का अध्ययन ‘मानव शरीर-शास्त्र’ का विषय बनना चाहिए था !

                  गंगेश गुंजन.

            #उचितवक्ताडेस्क.

जीवन का हिस्सा है

      कम ज़्यादा चलता रहता है। 
      जीवनका यह भी हिस्सा है। 
                     🌀
               गंगेश गुंजन 
                  #उवडे.

Tuesday, September 16, 2025

इन्फ्रास्ट्रक्चर


बेईमान का इन्फ्रास्ट्रक्चर ईमानदार से बड़ा और पक्का होता है। 
                  गंगेश गुंजन 
               #उचितवक्ताडे.

Monday, September 15, 2025

एक दो पँतिया

बड़ी नज़ाक़त से खुलते हैं,
हम,ख़ुशज़ेह्न लोग होते हैं।
🕸️
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.

Sunday, August 31, 2025

घुटने

🌀                    घुटने ...
                          💢   
      बेकारी में यही तो ठहरा सहारा :   यूट्यूब पर फिरता रहता है यह -बेचारा !          

           पिछले कई दिनों से कुछ भद्रजन एंकर चैनेलों पर कितने ही आवाज़-ओ- अंदाज़ में उद्घोष कर रहे हैं “घुटनों पर आ गया अमेरिका !' मुझ जैसे बहुत से इंतज़ार किये जा रहे हैं कि देखें  आख़िर घुटनों पर आया अमेरिका कैसा लगता है ? आज सुबह तक भी नहीं देखा कि घुटनों पर आया।
   तो आख़िर वह श्रीकृष्ण का कैसा विराट
विश्वरूपाकार है कि महज़ घुटने पर आने में
उसे इतने दिन लग रहे हैं ?
    कब आ रहा है अपने घुटनो पर -अमेरिका !

   आ जाए तो कोई साथी मुझे बता दीजिएगा कृपया। आजकल तन्द्रा में बहुत रहने लगा हूँ।
                         ▪️
[ यह कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं। एक वरिष्ठ बेरोजगार नागरिक की उत्सुक जिज्ञासा भर है।]।                                                        गंगेश गुंजन 
                 #उचितवक्ताडेस्क.

Saturday, August 30, 2025

प्रेम एक आदत भर

बोलचाल में जिसे हम प्रेम कहते हैं वह मनुष्य की एक आदत भर है।
                         🪾
                   गंगेश गुंजन                                         #उचितवक्ताडे.

Monday, August 25, 2025

कवि की आयु

कवि का स्वास्थ्य तो शरीरी होता है परन्तु आयु उसके कृतित्वों में।
                           ✨ 
                      गंगेश गुंजन 
                   #उचितवक्ताडे.