Sunday, January 19, 2020

बदज़ौक़ हैं ये लोग

गर्दिश की गुफ्त़गू से गरमागरम है मज्लिस।

बदज़ौक़ हैं ये लोग जो दुनिया से ख़फ़ा हैं।                  गंगेश गुंजन                  

            -उचितवक्ता डेस्क-


Saturday, January 18, 2020

... पैलेस में डर लगता है

हमारी आस्था के दुर्ग में हम सुरक्षित हैं।

नई तकनीक के पैलेस में डर लगता है । 

                  🌳 गंगेश गुंजन

Thursday, January 16, 2020

...झुकाये जायें यूं ही गरदन ?



      क़रीने से हमारा क़त्ल करते जायें वो
सलीक़े से झुकाये जायें हम यूंही गरदन?
गंगेश गुंजन
-उचितवक्ता डेस्क-  

     

पर्यावरण और समाज का सामान्य स्वास्थ्य

पर्यावरण और समाज का सामान्य स्वास्थ्य ।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।
समाज का सामान्य स्वास्थ्य निर्भर ज़रूर बाह्य पर्यावरण पर है लेकिन मुझे फिर भी यही लगता है कि बाहरी पर्यावरण के प्रदूषण से अधिक ख़तरनाक मनुष्यके अपने मन का आंतरिक प्रदूषण ही है। 
   आदमी अपने और भी पछतावे भरे भविष्य की ओर,बहुत वेग से बढ़ रहा है।                      
                    गंगेश गुंजन।            
                -उचितवक्ता डेस्क-

Wednesday, January 15, 2020

नयी सदी का सद्विचार हूं

    तन-मन चेतन कलाकार हूं।

    निर्विष हूं  मैं निर्विकार  हूं।

    उतना ही मनुष्य हूं जितना

    नयी सदी  के सद्विचार हूं।                     🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱🌱

             गंगेश गुंजन               

         -उचितवक्ता डेस्क-

Tuesday, January 14, 2020

अपना उन्वाने किताब

     बदलते रहते हैं अपना ही उन्वाने               किताब लोग।          

     नहीं बिकने लगे हैं शहर में अब                 उनके रिसाले।

                           गंगेश गुंजन।                                 -उचितवक्ता डेस्क-

Friday, January 3, 2020

सत्य और असत्य

   सत्य और असत्य मानवीय विवेक की         सबसे कठिन परीक्षा का प्रश्नपत्र हैं।    

    गंगेश गुंजन           

 (उचितवक्ता डेस्क)