रक़ीब तो इसे फिर एक रेगिस्तान
लिखेगा।
हमारा हौसला इक नया हिन्दुस्तान
लिखेगा।
🌄
गंगेश गुंजन
।उचितवक्ता डेस्क।
Wednesday, September 11, 2019
नया हिन्दुस्तान लिखेंगे
तुम्हीं कहते थे ना
लो सभी यादें हैं और ये रही माचिस।
तुम्हीं कहते थे ना कुछ भी है मुमकिन।
*
गंगेश गुंजन
Tuesday, September 10, 2019
पानी की तरह मिला उससे
कोई पत्थर आकर मेरे सिर से
टकराया ।
कांच तो हूं नहीं,पानी की तरह
उससे मिला।
🕊️🕊️🕊️
-गंगेश गुंजन
Tuesday, September 3, 2019
अपराध ओ विवेक
कुछ अपराध मनुष्य की नियति में
ही हैं और अपरहार्य हैं।जैसे,कब
कैसे कोई चींटी आपके पैर के
नीचे दब कर मर जाती है आपको
पता नहीं होता। लेकिन जब यह
मालूम पड़ जाय तो क्षण भर
पश्चात्ताप करके ही अगला कदम
राह पर रखते हैं।
ग़लती पर,खेद होना नहीं भूलता
हूं मैं।
**
गंगेश गुंजन
Monday, September 2, 2019
Sunday, September 1, 2019
l चेतनाक असल शक्ति-शिक्षा ।
शिक्षा दीन-हीन लोकक ब्रह्मास्त्र थीक।मनुष्य मे परिवर्तनकारी चेतनाक असल शक्ति,शिक्षे सं अबैत
छैक।
-gngesh gunjan.
( Uchitvaktaa Desk.)
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