बहुत कम भ’ रहल छै आनन्दक सृष्टि सुख सुविधेक उत्पादन सँ भरि गेल पृथ्वी
ख़ुशीक मार्केट मे मन्दी चलि रहल अछिब्लैक मे भेटि रहल छनि जनिका भेटै छनि। गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.
बहुत कम भ’ रहल छै आनन्दक सृष्टि सुख सुविधेक उत्पादन सँ भरि गेल पृथ्वी
ख़ुशीक मार्केट मे मन्दी चलि रहल अछिब्लैक मे भेटि रहल छनि जनिका भेटै छनि। गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.
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प्यार में कठिन से कठिन काम किया जा सकता ह और होता भी है। लेकिन इसमें ज्यादातर लोग को मर ही जाना आसान लगता है..
गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडेस्क.