Thursday, November 28, 2024
एक दो पँतिया
Sunday, November 24, 2024
रिश्तों के ड्राइंग रूम में
🍂 रिश्तों के ड्राइंग रूम में !
रिश्तों के ड्राइंग रूम में तभी तक रहें जब तक कि बजते-बोलते-साज़ या कम से कम गाते हुए ट्रांजिस्टर रेडियो लगें कि कोई पुराना ग्रामोफोन सेट। कोई एक चीज़ बन कर बिना स्पर्श किए जाते हुए-बेआवाज़ बने कभी ना टिकें।
जिस पल ऐसा लग जाय शानदार ढंग से रुख़्सत हो लें।
🍁 गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
Thursday, November 14, 2024
छुड़कुल्ला बनाम शगूफ़ा।
मैथिलीक ‘छुड़कुल्ला’ संँ बेसी ललित आ व्यञ्जनाक शब्द ‘शिगूफ़ा’ छैक? कहै जाउ तँ। तथापि,
अपने ध्यान देबै जे प्रसंग अयला पर कय गोटय मातृभाषा प्रहरी लोक सेहो ‘शगूफ़े लिखता / लिखती, ‘छुड़कुल्ला’ नहिं।
एक दिन एही बाटे नीक संँ नीक भाषाक रस सौरभ सुखा क’ सिठ्ठी भ’ जाइ छै। 🌺!🌺 गंगेश गुंजन #उचितवक्ताडे.