Monday, August 3, 2020

भाग्यवाद और शिक्षा प्रणाली


          शिक्षा और भाग्य  ।

साधारण जन-मानस में गहरे बैठे हुए भाग्यवाद को कोई आत्मनिर्भर सक्षम  शिक्षा-प्रणाली ही उखाड़ कर फेंक सकती है। और लोकतंत्र में यह काम सदैव,सत्ता की राजनीतिक इच्छाशक्ति और चरित्र पर निर्भर रहता है। 

                  गंगेश गुंजन

             # उचितवक्ता डेस्क।

Thursday, July 30, 2020

अभिनय और पाखंड

पाखण्ड तो कला नहीं है लेकिन  पाखण्डी अभिनेता ज़रूर होता है। जितना बड़ा पाखण्ड होता है उतना ही बड़ा अभिनेता होगा।                सबसे खतरनाक धर्म एवं संस्कृति का पाखण्ड होता है और इसका अभिनेता।

                 गंगेश गुंजन 

           # उचितवक्ता डेस्क। 

Wednesday, July 29, 2020

मुख्य और कार्य वाहक

कभी-कभी प्रमुख आफिसर से भी अधिक विशेष,कार्यवाहक अधिकारी कर जाते हैं।जैसे ईश्वर का कार्य वाहक विज्ञान,कमाल पर कमाल कर रहा है।

                    गंगेश गुंजन 

             # उचितवक्ता डेस्क। 

Tuesday, July 28, 2020

विज्ञान : ईश्वर का कार्य वाहक अधिकारी

' विज्ञान ईश्वर का ही कार्यवाहक अधिकारी है।' ऐसा मेरे मित्र समाधान प्रसाद बड़ी दृढ़ता से मानते हैं और मुझे सुनाते रहते हैं। आपका मत ? 

                     गंगेश गुंजन 

              # उचितवक्ता डेस्क 

Monday, July 27, 2020

दर्द का रिश्ता

कुछ दर्द के  रिश्ते से और नेह भी बहुत था।

पल-पल भी मरे हम तो अच्छा बहुत लगता था।

                   गंगेश गुंजन 

             # उचितवक्ता डेस्क 

Saturday, July 25, 2020

मंज़िल

चुनो तो मंजिल ऐसी कि राह ख़ुद लिएचले और फ़ख़्र भी करे इसी पथ से गये हो तुम।

                        गंगेश गुंजन  

                   # उचितवक्ता डेस्क 


Friday, July 24, 2020

सामाजिक यथार्थ और लेखक

सामाजिक वास्तविकता और लेखक 

समाज की वास्तविकता को छोटा-बड़ा करना लेखक-कलाकार की दृष्टि,इच्छा- शक्ति और कौशल पर है।ये तीनों हर हाल लेखक की नीयत से संचालित होती हैं।उसी तरह जैसे कोई फोटो ग्राफर फोटो रंंगीन या 
श्वेत-श्याम करते हैं अथवा निगेटिव-पाजिटिव और एनलार्ज करते हैं।
                       गंगेश गुंजन 
                 # उचितवक्ता डेस्क।