Tuesday, June 30, 2026

ऐसे समय में

🌐                  ऐसे समय .

     शब्दकोषों में हो जाएँ
     पेशेवर कविजन !

  विप्लव ज़िद्दी कवि-कलाकार,
  कुछ दिनों के लिए भूमिगत होकर ठीक
  से करें विचार
  क्रांतदर्शी लोग थोड़ा विश्राम कर लें
  अभी करें नया पथ आविष्कार ।

  नहीं सुरक्षित है अगर यह दुनिया,
  समाज तो अलबत्ता तलाश लें कोई
  दुर्गम विकल्प कोई
  अभेद्य महावन जैसा,जो भी
  वहीं करें अपने आख्यानों का
  पुनरावलोकन-चिंतन।

  दिखने से बेहतर है, लगें ।
  इस ज़ालिम वक़्त में यही होगा ठीक-
  दिखें नहीं,लगें।

        इस काल यही करें
  कुछ भी करना है ज्योति-सार्थक
  और परिव्याप्त व्यवस्था विरुद्ध.
                      ▪️
                  गंगेश गुंजन                                        #उचितवक्ताडेस्क.

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