Thursday, March 6, 2025

❄️ फेसबुक पर फ्रस्ट्रेशन ❄️

❄️       फ़ेसबुक पर फ्रस्ट्रेशन !                                        ▪️
  आए दिन आप भी फेसबुक पर पढ़ते ही होंगे-कितने ही लेखक,कवि या आलोचक विद्वान विचारक साहेब लोग लिखते ही रहते हैं :
‘आज ही शाम मुझे फलांँ शहर के लिए निकलना है…!’
‘कल सुबह अमुक जगह के लिए मेरा प्लेन-ट्रेन है तो अमुक तारीख को अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन से लेकर अनन्त सेमिनारों तक के लिए !
   मैं सोच मे पड़ता हूंँ कि आख़िर इनका इतना निकलना कैसे सम्भव हो जाता है ?  
जैसे ही मैंने अपनी यह उत्सुक भावना
कही तो मेरे धन्य परम मित्र समाधान प्रसाद जी छूटते ही बोले-
‘यह आपका फ्रस्ट्रेशन है।’
                   तब से सोच ही रहा हूँ। 
                                  🌀                                                 गंगेश गुंजन 
                         #उचितवक्ताडेस्क।

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