किंवदन्तियांँ भर हैं : अधिकतर संघर्ष कथाएंँ
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बड़े लोगों के बड़प्पन और ज्य़ादातर संघर्ष
-कथाएंँ किंवदन्तियाँ भर हैं जो कभी अपने आभा-मंडलों के द्वारा उनकी खुशामद में चलाई गईं,कभी कृतज्ञ भावुकता में गढ़ी और प्रसारित की गई हैं। वे अपने-अपने वक़्त और हैसियत के लोगों का पी.आर. -वृत्तान्त भर हैं।धनाढ्य,समाज सेवी और राजनेताओं सहित इनमें कितने ही बड़े विचारक,साहित्यकार, कवि-कलाकार भी हैं।
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गंगेश गुंजन
#उचितवक्ताडेस्क।
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