Saturday, September 11, 2021

अपवाद का विशिष्ट सन्दर्भ

                     |🌻|
   वास्तविकता तो यह है कि सभी
   काल के लिखे गए समस्त
   साहित्य में भी जो अपवाद-मूल्य
   की कृति होती है प्राय: वही
   विशिष्ट,कालजयी होती है। अतः
   हाशिया अक्सर ही कोई विशिष्ट
   संदर्भ भी बन जाता है।
                       |🌍|
              #उचितवक्ताडेस्क।

                   गंगेश गुंजन

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