Wednesday, February 11, 2009

हम पहिल प्रयास करैत अपन ब्लाग "दुखिया दास कबीर" क प्रथम प्रकाशन पोस्ट करवाक ई उपक्रम क रहल छी। इच्छा अछि जे एकहि मे मैथिली तथा हिदी दुनूक गपशप करवाक किछु रचनात्मक सिलसिला चलाबी।सतह पर हमर ई सोच संभवत: कनीक कोनादन बुझा सकैत छैक, मुदा हमरा सन व्यक्तिक लेल जेकरा वास्ते आइयो हिन्दी लेखन अपरिहार्य छैक आ पास मे समय कम तकरा लेल यैह बाट सुझाइछ। मन मे अनेक रास विचार आ विषय अबिते रहैत अछि। स्वभावत: व्यग्रता सेहो तहिना। से मैथिली आ हिन्दी संसार, दुनू क।

एहि विषय मे अहांक विचार आ प्रतिक्रिया हमरा लेल महत्वपूर्ण हएत। प्राथमकिता दैत लिखि पठाबी, से आग्रह।

गंगेश गुंजन.